छत्तीसगढ़

जल जीवन मिशन का बुरा हाल, दो साल पहले बनी पानी टंकी, अभी तक ग्रामीणों को नहीं मिला एक बूंद जल

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव (Rajnandgaon) जिले में जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) का हाल बेहाल है. इसका उदाहरण डोंगरगढ़ का ग्राम घोटिया बना हुआ है. यहां दो साल पहले जल जीवन मिशन के तहत पानी टंकी का निर्माण तो करा दिया गया है, लेकिन आज तक टंकी में पाइप लाइन जोड़ने का कार्य नहीं हो पाया है. टंकी में एक बूंद पानी नहीं पहुंच पाया है. इसके निर्माण से ग्रामीणों को अब तक कोई लाभ नहीं मिल पाया है.

ग्रामीणों को इस भीषण गर्मी में पानी के लिए तरसना पड़ रहा है. साथ ही, पाइप लाइन के लिए गड्ढा करके छोड़ दिया गया है. इससे ग्रामीणों को आवागमन में भी समस्याएं हो रही हैं. ग्रामीण परेशान है. योजना की ऐसी हालत क्षेत्र के और भी गांवों में हैं, जहां ग्रामीणों को गर्मी में पानी के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है.

पेयजल के लिए भटक रहे ग्रामीण
राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ ब्लॉक के ग्राम घोटिया में ग्रामीणों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है. जल जीवन मिशन के तहत लाखों रुपये खर्च कर पानी टंकी का निर्माण तो कर दिया गया है, लेकिन अभी तक पेयजल की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है. टंकी चालू नहीं होने से पेयजल को लेकर ग्रामीणों को भटकना पड़ रहा है. दो साल से जल जीवन मिशन के तहत पानी टंकी बन कर तैयार है. लेकिन, पानी नहीं मिलने से ग्रामीण परेशान नजर आ रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पेयजल संकट बना हुआ है.

सुनने को तैयार नहीं जिम्मेदार
अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधियों को कई बार पानी की समस्या को लेकर अवगत कराया गया है, लेकिन अभी तक इसकी सुविधा नहीं मिल पाने से ग्रामीण भीषण गर्मी में पेयजल को लेकर परेशान नजर आ रहे हैं. भीषण गर्मी में घोटिया गांव के ग्रामीण पानी की परेशानी से जूझ रहे हैं. घोटिया गांव वनांचल क्षेत्र है, जो जंगलों से घिरा हुआ है. ग्रामीणों की सुविधा के लिए आस-पास में कोई साधन भी नहीं है जहां से वे जल की पूर्ति कर पाए. ऐसे में इस भीषण गर्मी में पानी की व्यवस्था करना ग्रामीणों के लिए एक चुनौती बनी हुई है.

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