छत्तीसगढ़

RTFGVBरायपुर और दुर्ग में ईडी का छापा, मोक्षित कॉर्पोरेशन के ठिकानों पर दबिश, दवा खरीदी घोटाले में कार्रवाई

छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड में हुई गड़बड़ी मामले में ईडी की टीम फिर बड़ी कार्रवाई की है. अधिकारियों की टीम ने दुर्ग के गंजपारा में इलाके में दबिश दी. ईडी के अधिकारी गंजपारा इलाके में मोक्षित कॉर्पोरेशन में जांच के लिए पहुंचे. टीम की जांच जारी है. मोक्षित कॉरपोरेशन के दुर्ग स्थित 3 घर और ऑफिस में दबिश दी गई. बताया जा रहा है कि 2 दर्जन से ज्यादा अधिकारियों ने बुधवार सुबह रेड की.
ईडी की कार्रवाई के दौरान सीआरपीएफ के जवान भी बड़ी संख्या में मौजूद थे. पूरी कार्रवाई छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड में हुई गड़बड़ी से जुड़ी हुई बताई जा रही है. इसी मामले में 6 महीने पहले ईओडब्ल्यू और एसीबी ने एक साथ रेड किया था. अब मोक्षित कॉरपोरेशन केंद्रीय जांच एजेंसी के रडार पर है. 650 करोड़ से ज्यादा का ये घोटाला बताया जा रहा है.
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छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में खून की जांच और दवाओं की आपूर्ति के नाम पर CGMSC के अधिकारियों ने गरीब मरीजों की सेहत से खिलवाड़ किया था. सरकार इसमें ACB और EOW से जांच करा रही है. CGMSC के रिएजेंट किट, दवा खरीदी में 750 करोड़ के घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने 5 अधिकारियों को गिरफ्तार किया था. इसमें CGMSC के जीएम टेक्निकल कमल कांत पाटनवार, बायोमेडिकल इंजीनियर खिरौद रावतिया, पूर्व जीएम CGMSC बसंत कोशिक, स्वास्थय विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉक्टर अनिल परसाई और दीपर कुमार बांधे गिरफ्तार हुए थे.

5 अधिकारी गिरफ्तार, 3 IAS जांच के दायरे में
सभी को कोर्ट में पेश किया गया है और 15 दिन की पुलिस रिमांड के लिए आवेदन किया गया था. वहीं 3 IAS अधिकारी CGMSC की प्रबंध संचालक पद्मिनी भोई साहू, पूर्व प्रबंध संचालक चंद्रकांत वर्मा, पूर्व संचालक स्वास्थ्य सेवाएं भीम सिंह से भी पूछताछ की गई थी.

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