छत्तीसगढ़

कोरबा में ‘दिव्य श्री हनुमंत कथा’ का भव्य शुभारंभ, 21 हजार महिलाओं की कलश यात्रा से गूंजेगा माहौल…

रायपुर:

मुख्य बातें (Highlight Box)

  • 28 मार्च से 01 अप्रैल तक ग्राम ढपढप में आयोजन
  • सुप्रसिद्ध कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री देंगे कथा प्रवचन
  • 21 हजार महिलाओं की भव्य कलश यात्रा से होगी शुरुआत
  • प्रशासन पूरी तरह सतर्क, सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा ढपढप गांव

छत्तीसगढ़ के ऊर्जा नगरी कोरबा जिले के ग्राम ढपढप में 28 मार्च से 01 अप्रैल तक ‘दिव्य श्री हनुमंत कथा’ का भव्य आयोजन होने जा रहा है, जो पूरे क्षेत्र में आस्था और श्रद्धा का केंद्र बनेगा। इस धार्मिक आयोजन में देशभर में प्रसिद्ध कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपनी कथा वाणी से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करेंगे। आयोजन स्थल पर विशाल और आकर्षक दिव्य पंडाल तैयार किया गया है, जहां हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। स्थानीय लोगों में इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह और तैयारी देखी जा रही है।

21 हजार महिलाओं की कलश यात्रा से होगा शुभारंभ

आयोजन की शुरुआत 28 मार्च को भव्य कलश यात्रा से होगी, जिसमें लगभग 21 हजार माता-बहनें ढेलवाडीह से ढपढप तक विशाल शोभायात्रा निकालेंगी। यह यात्रा पूरे क्षेत्र में धार्मिक वातावरण का संचार करेगी और श्रद्धालुओं में भक्ति की भावना को और प्रबल बनाएगी। आयोजकों के अनुसार, यात्रा मार्ग में सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

श्रद्धालुओं के लिए व्यापक सुविधाएं सुनिश्चित

कथा आयोजन को सफल और व्यवस्थित बनाने के लिए आयोजकों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, पार्किंग और बैठने की समुचित व्यवस्था की गई है। विशाल पंडाल में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था के साथ-साथ साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं और भी सुदृढ़ की गई हैं।

प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा का कड़ा इंतजाम

आयोजन को देखते हुए जिला प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने कथा स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है ताकि आयोजन शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सके।

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