छत्तीसगढ़रायपुर संभाग

झीरम फैसले पर कांग्रेस का बड़ा हमला, दीपक बैज बोले- ‘आधा-अधूरा न्याय’

रायपुर। झीरम घाटी हत्याकांड में एनआईए कोर्ट के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने जांच प्रक्रिया और फैसले को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रेस वार्ता में फैसले को आधा-अधूरा न्याय बताते हुए कहा कि कांग्रेस अदालत के फैसले का सम्मान करती है, लेकिन झीरम हत्याकांड के पीछे कथित राजनीतिक साजिश का सच अब भी सामने नहीं आया है।

दीपक बैज ने आरोप लगाया कि एनआईए की जांच शुरू से दिशाहीन रही और राजनीतिक षड्यंत्र के पहलू की पर्याप्त जांच नहीं की गई। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब जांच में बड़ी संख्या में नक्सलियों की संलिप्तता का उल्लेख था, तो दोषसिद्धि केवल 10 आरोपियों तक ही क्यों सीमित रही। कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि परिवर्तन यात्रा की सुरक्षा क्यों हटाई गई थी, यात्रा का मार्ग किसने और क्यों बदला और हमले की योजना किसने बनाई थी?

कांग्रेस ने एनआईए की शुरुआती एफआईआर में शामिल कथित बड़े नक्सली नेताओं के नाम बाद की चार्जशीट से हटाए जाने पर भी सवाल खड़े किए। पार्टी ने पूछा कि झीरम मामले में नामजद और बाद में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली नेताओं से एनआईए ने पूछताछ क्यों नहीं की। कांग्रेस ने तत्कालीन मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी, एडीसी नक्सल और संदिग्ध आत्मसमर्पित नक्सलियों के नार्को टेस्ट की मांग भी उठाई।

दीपक बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा नहीं चाहती कि झीरम हत्याकांड का पूरा सच सामने आए। हालांकि, ये कांग्रेस द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, सुशील आनंद शुक्ला समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

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