छत्तीसगढ़

एग्रीस्टैक के बहाने जमीन अपने नाम कराने का मामला: कलेक्टर ने जांच के बाद FIR दर्ज करने के निर्देश दिए; वहीं भर्ती में विलंब पर DPO को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया

मुंगेली। कलेक्टर कुंदन कुमार ने जनदर्शन के दौरान प्राप्त आवेदनों को गंभीरता से सुनते हुए विभागीय अधिकारियों को त्वरित और निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसी तारतम्य में जनदर्शन में लोरमी विकासखंड के ग्राम बरबसपुर की निवासी जानकी बाई ने भूमि पंजीयन में गंभीर धोखाधड़ी की शिकायत प्रस्तुत की। कलेक्टर ने इस प्रकरण को अत्यंत गंभीर माना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल जांच कर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भूमि संबंधी धोखाधड़ी जैसे संवेदनशील मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जानकी बाई ने बताया कि राजस्व अभिलेख में उनके नाम दर्ज 1.34 एकड़ भूमि को रिकॉर्ड दुरुस्तीकरण के नाम पर आरोपियों ने छलपूर्वक अपने नाम पर विक्रय पत्र (रजिस्ट्री) करवा लिया। उन्होंने यह भी बताया कि विक्रय पत्र में दर्शाई गई 06 लाख रुपये की राशि उन्हें न तो नगद मिली है और न ही उनके बैंक खाते में हस्तांतरित की गई है। आवेदिका ने आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। जानकी बाई की शिकायत पर कलेक्टर ने सख्ती दिखाते हुए अधिकारियों को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग का किया औचक निरीक्षण

जिला कलेक्टोरेट परिसर स्थित महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय का कलेक्टर कुंदन कुमार ने आज औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभागीय गतिविधियों, विभिन्न पदों हेतु चल रही भर्ती प्रक्रिया तथा कार्यालय परिसर की साफ-सफाई और व्यवस्थाओं का विस्तृत अवलोकन किया।

कलेक्टर ने विभिन्न पदों के लिए चल रही भर्ती में अनावश्यक विलंब पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ निर्धारित समय-सीमा में शीघ्र पूर्ण की जाए, ताकि विभागीय कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को कार्यालय में फाइलों की अव्यवस्थित स्थिति, स्वच्छता की कमी और कार्यस्थल का अस्वच्छ वातावरण देखने को मिला।

इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए तत्काल सुधार करने के आदेश दिए। साथ ही, कार्यालय व्यवस्था में लापरवाही को गंभीर मानते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी संजुला शर्मा को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि विभाग में कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने, फाइल प्रबंधन को सुव्यवस्थित रखने तथा साफ-सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता देने हेतु जिम्मेदार अधिकारी तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करें। निरीक्षण के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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