छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की आत्मीयता ने छुआ श्रमिक परिवार का दिल, बेटी प्रतिज्ञा ने थामा सपनों का रास्ता

एक माँ की आँखों में उमड़ी खुशी, चेहरे पर झलकता गर्व और शब्दों में छलकता भावातिरेक इस बात का प्रमाण है कि सरकार की दिशा सही है और योजनाएँ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुँच रही हैं। रायपुर की नंदिनी यादव, जो रोज़ी-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करती हैं, आज अपनी बेटी प्रतिज्ञा को छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल, टाटीबंध में प्रवेश दिलाकर गदगद हैं। यह संभव हुआ है मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर शुरू की गई अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से।

नंदिनी यादव बताती हैं कि वह हमेशा चाहती थीं कि उनके बच्चे भी इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ें, लेकिन सीमित आर्थिक स्थिति के कारण यह सपना पूरा नहीं हो पा रहा था। घर के अन्य बच्चों को देख वह कई बार सोचती थीं कि उनकी बिटिया भी अच्छे स्कूल में पढ़े। जब प्रतिज्ञा का चयन अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना में हुआ तो उनकी आँखों से खुशी के आँसू छलक पड़े। उन्होंने कहा मेरे लिए यह क्षण अविस्मरणीय है। यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा तोहफा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मुलाकात के दौरान नंदिनी यादव ने अपने मन की भावनाएँ साझा कीं। उन्होंने कहा कि अब बेटी का भविष्य संवर जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने भी नंदिनी यादव को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और जीवन की नई दिशा देने का माध्यम बनेगी।

नंदिनी ने बताया कि बेटी प्रतिज्ञा का सपना बड़ा है। वह हमेशा से कहती आई है कि उसे फौज में जाना है और देश की सेवा करनी है। बिटिया का यह सपना अब हकीकत बनने की राह पर है। इंग्लिश मीडियम में पढ़ाई और बेहतर संसाधनों की उपलब्धता से वह अपने लक्ष्य तक पहुँच सकेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्ची की इस सोच की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सपनों से ही देश की नींव मजबूत होती है।

नंदिनी यादव ने अपनी खुशी साझा करते हुए बताया कि केवल बच्ची की शिक्षा की व्यवस्था ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना से उन्हें पक्का मकान मिला है, उज्ज्वल योजना से रसोई गैस कनेक्शन मिला और उनकी सासू माँ को शासन से सिलाई मशीन भी प्राप्त हुई है। इन योजनाओं ने उनके परिवार की जिंदगी बदल दी है। उन्होंने कहा सरकार की योजनाएँ मेरे परिवार के लिए संबल बन गई हैं, यही तो सच्चा अंत्योदय है।

उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री जी के कारण आज मेरी बच्ची को बेहतर शिक्षा मिल रही है। मैं मुख्यमंत्री जी के पास अपनी भावनाएँ व्यक्त करने आई हूँ। यह खुशी शब्दों में बयान करना मुश्किल है। माँ की भावुकता देखकर उपस्थित लोग भी प्रभावित हुए। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि बेटी की पढ़ाई पूरी जिम्मेदारी से होगी और परिवार को लगातार सहयोग मिलता रहेगा।

उल्लखेनीय है कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत छठी से बारहवीं तक पढ़ाई का पूरा दायित्व सरकार उठाती है। नंदिनी यादव अब निश्चिंत हैं कि उनकी बच्ची का भविष्य सुरक्षित है। महतारी वंदन योजना से मिलने वाले सहयोग ने उनके परिवार को आर्थिक संबल दिया है। यह कहानी केवल एक माँ-बेटी की नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के उन हजारों परिवारों की है जिनके सपने सरकार की योजनाओं से साकार हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज कोरबा कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक आयोजित हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन के बाद आज की यह प्रथम बैठक एक नए संकल्प और दृष्टिकोण के साथ आयोजित हो रही है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय के कल्याण और समग्र विकास के लिए सरकार सभी ठोस कदम उठा रही है। विकास कार्यों के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने मध्य क्षेत्र अंतर्गत निवासरत अनुसूचित जनजाति समुदाय के बेहतर विकास के लिए प्राधिकरण की बजट राशि 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये करने की घोषणा की।

जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने प्राधिकरणों का पुनर्गठन

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर, सरगुजा और मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरणों के साथ-साथ अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरणों का गठन कर समावेशी विकास की दिशा में मजबूत कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इन प्राधिकरणों का उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना और जनसुविधाओं को हर गाँव, हर परिवार तक पहुँचाना है। पूर्व सरकार की लचर कार्यप्रणाली के कारण प्राधिकरणों के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी रही। निगरानी के अभाव में कई योजनाएँ धरातल पर नहीं उतर पाईं। हमारी सरकार ने इस स्थिति को बदलने के लिए प्राधिकरणों का पुनर्गठन किया है।

प्राधिकरण में जनप्रतिनिधित्व को और व्यापक बनाने के लिए सदस्यों की संख्या में वृद्धि की गई है। अब प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा और लोकसभा सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष और अन्य महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधि इसके सदस्य बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, आदिवासी विकास के क्षेत्र में कार्यरत दो समाजसेवियों और विशेषज्ञों को प्राधिकरण का सदस्य मनोनीत करने का निर्णय लिया गया है, ताकि उनके अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ विकास योजनाओं को मिल सके।

पीएम जनमन योजना ने खोलीं नई संभावनाएँ

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के क्षेत्र में आदिवासी समुदायों के लिए विशेष योजनाएँ लागू करने पर सरकार विशेष जोर दे रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में शुरू की गई धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और पीएम जनमन योजना ने छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएँ खोली हैं। इन योजनाओं के तहत आवास, सड़क, बिजली, पानी और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे बुनियादी ढाँचों का विकास तेजी से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मध्य क्षेत्र में आदिवासी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए स्व-सहायता समूहों को और मजबूत करने पर बल दिया जा रहा है। इन समूहों के माध्यम से महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, ऋण सुविधाएँ और बाजार से जोड़ने की पहल की जाएगी, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। मध्य क्षेत्र के युवाओं के लिए तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार और स्व-रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति समृद्ध है। हमें जनजातीय संस्कृति एवं परंपरा को संरक्षित रखने की दिशा में कार्य करना होगा। विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि की व्यवस्थाओं में प्राधिकरण मुख्य भूमिका निभाएगा। उन्होंने आदिवासी समाज के लोगों को शराब छोड़ने के लिए प्रेरित करने हेतु पुनर्वास केंद्र, प्रारंभिक शिक्षा, खेल और विशेष पिछड़ी जनजातियों के किसानों के खेतों में सिंचाई हेतु स्थायी पंप कनेक्शन उपलब्ध कराने के सुझाव दिए।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय स्वयं पूरी सरकार के साथ बैठक करने कोरबा आए हैं। 30 नवंबर 2019 के बाद यह बैठक नहीं हुई थी। मुख्यमंत्री स्वयं अनुसूचित क्षेत्र में जाकर बैठक कर रहे हैं। यह उनकी प्रतिबद्धता दर्शाता है।

प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री प्रणव कुमार मरपच्ची ने कहा कि बजट राशि बढ़ाए जाने से आदिवासी बहुल क्षेत्र में विकास कार्यों में वृद्धि होगी।

शिक्षा, खेल, पर्यटन और सिंचाई को मिली सौगात

मुख्यमंत्री श्री साय ने आदिवासी बच्चों और युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए विशेष घोषणाएँ कीं। उन्होंने कोरबा में बालक-बालिका क्रीड़ा परिसर के निर्माण और संचालन के लिए 10-10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए। इसी तरह विशेष पिछड़ी जनजातियों के खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने के लिए दो बालक-बालिका खेल परिसरों हेतु 10-10 करोड़ रुपये की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने विशेष पिछड़ी जनजाति के विद्यार्थियों के लिए आवासीय विद्यालय स्थापित करने हेतु 5 करोड़ रुपये स्वीकृत करने की भी घोषणा की।

आधारभूत संरचना और पर्यटन

मुख्यमंत्री श्री साय ने कोरबा शहर में आवागमन को सुव्यवस्थित करने के लिए महत्वपूर्ण सुनालिया पुल निर्माण हेतु 9 करोड़ रुपये की घोषणा की। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बुका-सतरेंगा पर्यटन प्रोजेक्ट पर तेजी से काम करने के निर्देश वन विभाग के अधिकारियों को दिए। उन्होंने वन विभाग को 2 माह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2015 से पहले की 115 अधूरी सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 2,800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर लगभग 76 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

मध्य क्षेत्र आदिवासी प्राधिकरण के अंतर्गत वर्ष 2021-22 में 32 करोड़ 67 लाख रुपये के 544 विकास कार्य स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 539 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। इसी प्रकार वर्ष 2022-23 में 32 करोड़ 72 लाख रुपये के कुल 491 स्वीकृत कार्यों में से 482 कार्य पूर्ण हो गए। वर्ष 2023-24 में 32 करोड़ 67 लाख रुपये के कुल 464 स्वीकृत कार्यों में से 424 कार्य पूर्ण हुए। वर्ष 2024-25 में 48 करोड़ 28 लाख रुपये के कुल 508 स्वीकृत कार्यों में से 123 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं तथा शेष कार्य प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने सभी अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में मंत्रीगण श्री रामविचार नेताम, श्री दयालदास बघेल, श्री केदार कश्यप, श्री लखनलाल देवांगन, श्री श्याम बिहारी जायसवाल, श्री ओ.पी. चौधरी, श्री टंकराम वर्मा, श्री गजेंद्र यादव, श्री गुरु खुशवंत साहेब, श्री राजेश अग्रवाल, सांसद लोकसभा श्री संतोष पांडेय सहित विधायकगण, जिला पंचायत अध्यक्ष एवं सदस्यगण, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, श्री मनोज पिंगुआ, प्राधिकरण के सचिव श्री बसवराजू, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, बिलासपुर संभागायुक्त श्री सुनील जैन, प्रभारी आईजी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री वी. श्रीनिवास राव, कलेक्टर कोरबा श्री अजीत वसंत सहित अन्य जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

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