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बांग्लादेश जाएगी बर्न स्पेशलिस्टों की टीम, जेट हादसे में घायलों का करेंगे इलाज, खास उपकरणों के साथ होंगे ढाका रवाना

सोमवार को बांग्लादेश में एक विमान हादसा हुआ, जो उनकी एयरफोर्स के इतिहास में सबसे खतरनाक हादसा था. इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़ रही है. रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 31 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 165 से ज्यादा घायल हैं. 21 जुलाई 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ढाका में हुई विमान दुर्घटना में लोगों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया था और हर संभव मदद का आश्वासन दिया था. इसी के मद्देनजर भारत बर्न इंजरी के विशेषज्ञ डॉक्टरों और नर्सों की एक टीम जल्द बांग्लादेश भेजने जा रहा है. विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर इसकी जानकारी दी. यह टीम जरूरी चिकित्सा सामग्री के साथ ढाका पहुंचेगी ताकि घायलों का इलाज किया जा सके. यह टीम पीड़ितों की हालात का आंकलन करेगी और जरूरत पड़ी तो भारत में आगे के इलाज और खास देखभाल की सिफारिश करेगी. प्रारंभिक जांच और इलाज के आधार पर अतिरिक्त मेडिकल टीमें भी बाद में भेजी जा सकती हैं.

मौत का आंकड़ा पहुंचा 31
21 जुलाई की दोपहर करीब डेढ़ बजे एयरफोर्स का ट्रेनिंग जेट बांग्लादेश के माइलस्टोन स्कूल एंड कॉलेज पर जाकर गिरा. इससे पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई थी. बांग्लादेश सेना की तरफ से इस दुर्घटना में मारे गए लोगों के आंकड़े जारी किए गए. क्रैश के बाद अब तक मारे गए 31 लोगों में से ज्यादातर बच्चे हैं. 165 लोग अस्पताल में भर्ती हैं जिनमें से 10 की हालत अभी गंभीर बनी हुई है. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने इस हादसे पर एक दिन का राष्ट्रीय शोक का एलान किया था, जिसमें राष्ट्रीय ध्वज को आधा फहराया गया और इस घटना के पीड़ितों के लिए खास प्रार्थना का भी आयोजन किया गया।
यूनुस सरकार के खिलाफ गुस्सा
इस घटना के बाद आम लोगों और छात्रों में काफी रोष दिखा. रिपोर्ट के मुताबिक दुर्घटना स्थल का दौरा करने आए बांग्लादेश के मंत्रियों को लोगों ने घेर लिया और जमकर प्रदर्शन शुरू कर दिया. प्रदर्शन में सैकड़ों की तादाद में लोग और छात्र मौजूद थे. वे सरकार से मांग कर रहे थे कि मौत के सही आंकड़े पेश करें और उन्हें इंसाफ दिलाएं. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाबलों ने बल का भी प्रयोग किया. आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज भी किया गया.
चाइना मेड एयरक्राफ्ट से हुआ हादसा
सेना ने इस क्रैश की वजह तकनीकी खराबी बताई. चेंगदु F-7 फाइटर अपने रूटीन मिशन के लिए उड़ान भरी थी लेकिन यह क्रैश हो गया. अगर इस एयरक्राफ्ट की बात करें तो दरअसल यह रूसी मिग को लाइसेंस पर चीन निर्माण कर रहा था. इसे नाम दिया गया F7 और इसे J-7 के नाम से भी जाना जाता है. इस सीरीज का सबसे एडवांस जेट बांग्लादेश को चीन ने बेचा था. बांग्लादेश ने चीन से 16 फाइटर जेट की खरीद साल 2011 में की थी. साल 2013 तक सभी 16 जेट बांग्लादेश को डिलीवर किए जा चुके थे. खास बात तो यह है की चीन अपनी फ्लीट से इस फाइटर को फेजआउट कर रहा है. और दूसरे देशों को सबसे बेहतर बताकर बेच चुका है. हर पायलट की तरह F-7 उड़ा रहे पायलट फ्लाइट लेफ्टिनेंट तौकीर इस्लाम सागर ने भी विमान को आबादी वाली जगह से दूर ले जाने की कोशिश की, लेकिन कोशिश काम ना आ सकी. साल 1992 से लेकर अब तक बांग्लादेश वायुसेना के कम से कम 27 विमान और फाइटर जेट हादसे के शिकार हो चुके हैं. साल 2005 के बाद से अब तक 11 दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें 7 चीनी विमान थे.

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