छत्तीसगढ़

डीजीपी अरुण देव गौतम बिलासपुर पहुंचे, पुलिस अधिकारियों संग बैठक; 24 घंटे में लूटकांड सुलझाने और आरोपियों की गिरफ्तारी पर सराहना

बिलासपुर। प्रदेश के डीजीपी अरुण देव गौतम बिलासपुर पहुंचे। उन्होंने आईजी के रेंज कार्यालय स्थित सभागार में जिले के पुलिस अधिकारियों की बैठक ली। हाल ही में हुए राजकिशोर नगर के लूटकांड में 24 घंटे के अंदर ही आरोपियों की गिरफ्तारी और शत प्रतिशत माल बरामद करने पर डीजीपी अरुण देव गौतम ने बिलासपुर पुलिस की तारीफ की। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो इसके लिए हिदायत भी दी।

बिलासपुर प्रवास पर आए डीजीपी अरुण देव गौतम का आईजी कार्यालय आगमन पर सबसे पहले आईजी रामगोपाल गर्ग ने पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। बैठक की शुरुआत होने पर डीजीपी अरुण देव गौतम ने सबसे पहले अधिकारियों का सामान्य परिचय लिया। परिचय के बाद राजकिशोर नगर में सर्राफा व्यवसाय के साथ हुई लूट की विस्तार से पूरी जानकारी ली और सभी अपराधियों को 24 घंटे के अंदर ही गिरफ्तार कर शत प्रतिशत माल रिकवरी करने पर पुलिस की तारीफ करते हुए पुलिस द्वारा बनाए गए अंतर्राज्यीय समन्वय की प्रशंसा की।

ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए डीजीपी के हिदायत देते हुए कहा कि पुलिस कार्यप्रणाली, गश्त – पेट्रोलिंग, संदिग्धों की चेकिंग, होटल लॉज चेकिंग और आसूचना तंत्र की मजबूती पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही सर्राफा ,बैंक जैसी जगहों की रेगुलर चेकिंग की जाए, सीसीटीवी और अन्य सुरक्षा उपायों की चेकिंग पर भी ध्यान दिया जाए। पुलिस महानिदेशक गौतम ने राजपत्रित अधिकारियों को थाने का पर्यवेक्षण समुचित तरीके से और पर्याप्त गुणवत्ता के साथ किए जाने की भी हिदायत दी। थाने आने वाले फरियादियों की बात समुचित तरीके से सुनी जाए ,

इसके लिए थाना प्रभारी और राजपत्रित अधिकारी थानों को संवेदनशील बनायें,यह भी पुलिस महानिदेशक ने निर्देशित किया।पुलिस महानिदेशक के द्वारा मीटिंग के दौरान नाकाबंदी की व्यवस्था सुधारने और थाने में थाना प्रभारियों के द्वारा स्वयं रिपोर्ट सुनने और FIR लिखे जाने के लिए भी पर्याप्त पर्यवेक्षण हेतु सभी राजपत्रित अधिकारियों को कहा। संदिग्ध मर्ग प्रकरणों की जांच सूक्ष्मता और गंभीरता से करने के लिए भी हिदायत दी। अभियोजन संचालक माखनलाल पाण्डेय को विवेचना की गुणवत्ता और icjs सिस्टम के तहत ई चालान और ई साक्ष्य की प्रक्रिया,माननीय न्यायालय और थानों के समन्वय से शीघ्र ही अमल में आ सके, ऐसी व्यवस्था तैयार करने पर जोर दिया गया।

बैठक में होमगार्ड DIG लक्ष्मी चंद्रा वर्मा तथा अग्निशमन अधिकारी भी अपनी टीम के साथ मौजूद थे। उनसे पुलिस महानिदेशक के द्वारा फायर सेफ्टी, फायर ऑडिट के संबंध में चर्चा कर जिले की स्थिति की जानकारी ली गई ,और सिरगिट्टी, मोपका में हुए फायर केसेस के संबंध में विस्तृत पर्यवेक्षण रिपोर्ट तैयार करके ,जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से इसको शेयर करने के निर्देश भी डीजीपी श्री अरुण देव गौतम के द्वारा दिए गए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए, पर्याप्त प्रयास पहले से ही किए जा सकें। बैठक के दौरान डीजीपी ने न केवल हिदायतें और निर्देश दिए, बल्कि विभिन्न घटनाओं और संस्मरणों के माध्यम से पुलिसिंग की बारीक बातें और पुलिस के कार्यप्रणाली के तरीकों पर भी प्रकाश डाला। पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग को रेंज के सभी जिलों में पुलिस की कार्यप्रणाली की पर्याप्त मॉनिटरिंग करने और मीटिंग में दिए गए निर्देश रेंज स्तर पर सही तरीके से अमल में लाए जाएं, इसके लिए सतत पर्यवेक्षण के लिए भी कहा।

ये रहे बैठक में उपस्थित

बैठक में पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रामगोपाल गर्ग ,नगर सेना के उप पुलिस महानिरीक्षक लक्ष्मी चंद्रा वर्मा, संयुक्त संचालक अभियोजन माखनलाल पाण्डेय, संभागीय सेनानी नगर सेना नरसिंह नेताम, एडिशनल एसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह, शहर पंकज पटेल, एडिशनल एसपी विशेष शाखा दीपमाला कश्यप, जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी दीपांकर नाथ, उप पुलिस अधीक्षक अंगुल चिह्न विद्या जौहर तथा जिले के पुलिस एवं अग्निशमन विभाग के सभी राजपत्रित अधिकारी उपस्थित रहे।

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