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TCS को झटका, तिमाही नतीजों के बाद ब्रोकरेज ने घटाया टारगेट प्राइस, क्या स्‍टॉक बेचने में ही है भलाई

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के पहली तिमाही के नतीजे न बाजार को पसंद आए हैं और न ही ब्रोकरेज हाउसेज को. यही वजह है कि तिमाही परिणाम आने के बाद जहां टीसीएस शेयर गिर गया है, वहीं कई ब्रोकरेज ने भी स्‍टॉक की रेटिंग घटा दी है. अप्रैल-जून तिमाही में टीसीएस का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 6 फीसदी बढ़कर 12760 करोड़ रुपये रहा. एक साल पहले मुनाफा 12040 करोड़ रुपये रहा था. ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड बेसिस पर रेवेन्यू सालाना आधार पर 1.31 फीसदी बढ़कर 63437 करोड़ रुपये हो गया. कंपनी के भारतीय कारोबार में तिमाही आधार पर 31% की गिरावट दिखी तो यूरोप और यूके बिजनेस भी दबाव में ही नजर आया. शुक्रवार को टीसीएस का शेयर 3.47 फीसदी गिरकर 3264.50 रुपये पर बंद हुआ.
तिमाही नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्म्‍स नोमुरा और यूबीएस ने टीसीएस शेयर का टारगेट प्राइस घटा दिया है. ब्रोकरेज का मानना है कि डील्स हासिल करना कंपनी की निर्धारित सीमा के अंदर रहा, लेकिन मार्च तिमाही की तुलना में कम रहा. अमेरिकी डॉलर में रेवेन्यू घटा, जबकि उम्मीद इसके बढ़ने की थी.

यूबीएस ने घटाया टारगेट प्राइस
ब्रोकरेज यूबीएस ने टीसीएस शेयर पर अपनी ‘बाय’ रेटिंग तो बरकरार रखी है, लेकिन टारगेट प्राइस को ₹4,050 से घटाकर ₹3,950 कर दिया है. ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी अभी भी वित्त वर्ष 2026 में इंडस्ट्री एवरेज ग्रोथ डिलीवर करने की क्षमता रखती है. कंपनी की मौजूदा वैल्युएशन कंफर्टेबल दिख रहा है जिससे आगे स्टॉक में गिरावट का रिस्क कम नजर आ रहा है.

नोमूरा ने भी टीसीएस शेयर पर अपनी ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन टारगेट प्राइस को ₹3,820 से घटाकर ₹3,780 कर दिया है. ब्रोकरेज का कहना है कि वित्त वर्ष 2026 के लिए ग्रोथ की संभावना अभी भी अस्पष्ट है. ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 26-28 के ईपीएस अनुमानों में 1-2% की कटौती की है.
एचएसबीसी और जेपी मॉर्गन ने बरकरार रखी न्‍यूट्रल रेटिंग
HSBC और जेपी मॉर्गन ने टीसीएस शेयर पर ‘न्‍यूट्रल’ रेटिंग बरकरार रखी है. एचबीएसई ने टीसीएस शेयर पर ₹3,665 का टारगेट प्राइस दिया है. ब्रोकरेज का कहना है कि पहली तिमाही में कंपनी के रेवेन्यू में कमी आई, जिसका मुख्य कारण बीएसएनएल थी. लेकिन अंतर्राष्ट्रीय कारोबार में भी कमजोरी देखी गई. इससे भी ज्यादा चिंता वाली बात यह है कि टीसीएस भी प्रॉफिट में रहने के लिए संघर्ष करती दिख रही है.

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