छत्तीसगढ़

डिजिटल अरेस्ट कर 12.50 लाख की ठगी, पहली बार हाईटेक मशीन हुई बरामदEDC

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के दुर्ग (Durg) जिले से बड़ी खबर डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) कर ठगी करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की खबर है. दरअसल, CBI और क्राइम ब्रांच के अधिकारी बनकर ONLINE ठगी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है.

इन दोनों ठगों पर आरोप है कि इन्होंने पीड़िता को 5 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखा. आरोप है कि इन ठगों ने डिजिटल अरेस्ट कर 12.50 लाख रुपये की ठगी की. इन लोगों ने बाकायदा फर्जी कॉल सेंटर में हाईटेक वॉइस कनवर्टर मशीन भी लगा रखी थी, ताकि अपनी पहचान छुपाकर घटना को अंजाम दिया जा सके. यानी डिजिटल फ्रॉड में पहली बार पुलिस को तरह के मशीन मिले हैं. इस मशीन में एक बार में 32 सिम कार्ड इंसर्ट किया जा सकता है. आरोपियों से तीन कॉल कनवर्टर मशीन, 105 फर्जी सिम, 05 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं.

ये है पूरा मामला

भिलाई सेक्टर-7 की रहने वाली शोभा झा ने थाना भिलाई नगर में शिकायत दर्ज कराई थी कि एक जुलाई 2025 को उन्हें एक अज्ञात नंबर से कॉल आया. कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई और क्राइम ब्रांच कोलाबा का अधिकारी बताया. उसने शोभा झा को धमकी दी कि वे मनी लॉन्ड्रिंग और ठगी जैसे बड़े अपराध में शामिल हैं. उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 198, 223, और 420 के तहत कार्रवाई की बात कह कर डराया गया. आरोपियों ने शोभा झा को उनके घर में ही 5 दिनों तक “डिजिटल अरेस्ट” बनाकर रखा और जेल भेजने की धमकी दी. डर की वजह से शोभा ने अपनी जमा-पूंजी और मुथू फाइनेंस में गहने गिरवी रखकर 12.5 लाख रुपये जुटाए. इसके बाद आरोपियों के बताए बैंक खातों में आरटीजीएस के जरिए कई किस्तों में यह रकम ट्रांसफर कर दी. ठगों ने जांच के बाद रकम वापस करने का झांसा भी दिया.

ऐसे की जा रही थी ठगी

शिकायत मिलने के बाद भिलाई नगर पुलिस ने विशेष ONLINE टीम गठित की. टीम ने शोभा झा से पूछताछ कर घटना में इस्तेमाल मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जानकारी जुटाई. तकनीकी विश्लेषण के दौरान पता चला कि फतेहपुर, उत्तर प्रदेश में फर्जी सिम कार्डों का उपयोग संदिग्ध गतिविधियों और ठगी के लिए किया जा रहा था. दुर्ग पुलिस की टीम फतेहपुर उत्तर प्रदेश पहुंची. यहां जांच में सामने आया कि आरोपी अनस खान फर्जी सिम कलेक्ट कर फैजल अहमद को उपलब्ध कराता था. फैजल फतेहपुर में किराए के मकान में फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था. इस कॉल सेंटर में कॉल कन्वर्टर मशीन और आधुनिक सॉफ्टवेयर का उपयोग कर एक साथ 90 से 100 सिम के जरिए कॉल्स को कन्वर्ट या फॉरवर्ड किया जाता था. यह सॉफ्टवेयर आरोपियों की पहचान छिपाने में मदद करता था.

तकनीकी विश्लेषण के बाद साइबर टीम ने फतेहपुर में घेराबंदी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शहबाज उर्फ मोहम्मद फैजल अहमद (मवाना, मेरठ, उत्तर प्रदेश) और अनस खान (सिविल लाइन, फतेहपुर, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई. उनके पास से 3 कॉल कन्वर्टर मशीन, 1 लैपटॉप, 105 सिम कार्ड और 5 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं.

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