छत्तीसगढ़

550 करोड़ रुपये घोटाले के 6 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल, जानें पूरा मामला

छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो/आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (एसीबी/ईओडब्ल्यू) ने 550 करोड़ रुपए के ‘छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड’ (सीजीएमएससीएल) घोटाले के आरोपी छह लोगों के खिलाफ शनिवार को अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया.

उन्होंने बताया कि एसीबी/ईओडब्ल्यू ने 18 हजार पन्नों के आरोपपत्र में शशांक चोपड़ा और पांच सरकारी अधिकारियों बसंत कुमार कौशिक, छिरोद रौतिया, कमलकांत पाटनवार, डॉक्टर अनिल परसाई और दीपक कुमार बंधे का नाम दर्ज किया है. यह आरोप पत्र यहां एसीबी/ईओडब्ल्यू की विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया.

इनके खिलाफ मामला दर्ज
इस वर्ष 22 जनवरी को एसीबी/ईओडब्ल्यू ने सीजीएमएससीएल (रायपुर) और स्वास्थ्य सेवा निदेशालय के अधिकारियों के साथ-साथ चार फर्मों – मोक्षित कॉरपोरेशन (दुर्ग), सीबी कॉरपोरेशन (दुर्ग), रिकॉर्ड्स एंड मेडिकेयर सिस्टम एचएसआईआईडीसी (पंचकुला, हरियाणा), श्री शारदा इंडस्ट्रीज (रायपुर) तथा अन्य के खिलाफ सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज किया था. प्राथमिकी में किसी का नाम नहीं था.एसीबी/ईओडब्ल्यू ने बताया था कि स्वास्थ्य केंद्रों में वस्तुओं की आवश्यकता/उपलब्धता सुनिश्चित किए बिना खरीदी की गई.

किया था इतना बड़ा घोटाला
जांच एजेंसी के मुताबिक सीजीएमएससीएल ने मोक्षित कॉरपोरेशन और उसकी फर्जी कंपनी के साथ मिलीभगत करके जनवरी 2022 से 31 अक्टूबर, 2023 के बीच अरबों रुपये की खरीदारी की है. रक्त के नमूने एकत्र करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली ईडीटीए ट्यूब मोक्षित कॉरपोरेशन से 2,352 रुपये प्रति पीस की दर से खरीदी गई थी, जबकि अन्य संस्थानों ने यही सामग्री अधिकतम 8.50 रुपये की दर से खरीदी थी. जांच एजेंसी ने बताया है कि सीबीसी मशीन जिसे निर्माता कंपनियां खुले बाजार में केवल पांच लाख रुपये में बेचते हैं, मोक्षित कॉरपोरेशन ने सीजीएमएससी को इसे 17 लाख रुपये में उपलब्ध कराया था.

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