क्रांइमछत्तीसगढ़

नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने का मामला: आरोपी के साथ सहयोगी पास्टर और उसकी पत्नी गिरफ्तार

सूरजपुर। नाबालिग का अपहरण के मामले में मुख्य आरोपी के साथ मदद करने वाले पास्टर और उसकी पत्नी को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है. मामले में प्रतापपुर थाना में बीएनएस 2023 की धारा 137(2) और 3 (5) के तहत अपराध दर्ज कार्रवाई की है.

प्रार्थी द्वारा लिखाई गई रिपोर्ट के अनुसार, उसकी नाबालिग बेटी क्रिसमस के अवसर पर पास्टर के निवास गए थे. सुबह तक बेटी के वापस नहीं आने पर आस-पास जानकारी ली. इसके बाद आरोपी राजेश कुमार विश्वकर्मा उर्फ खैरू का फोन आया कि वह उसकी बेटी को ले गया है, और अपने पास ही रखेगा. इस कार्य में पास्टर राम खिलावन और उसकी पत्नी सुनीता ने मदद की है. यही नहीं राजेश कुमार पर पूर्व में भी नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर ले जाने का मामला थाना राजपुर में दर्ज है.

प्रार्थी की रिपोर्ट पर प्रतापपुर थाना में बीएनएस 2023 की धारा 137(2) और 3 (5) के तहत अपराध दर्ज कर आरोपी राजेश कुमार के साथ पास्टर राम खिलावन और उसकी पत्नी सुनीता को गिरफ्तार किया है.

जानिए धाराओं के संबंध में

भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) अपहरण (Kidnapping) के लिए सजा से संबंधित है, जिसके अनुसार यदि कोई व्यक्ति किसी को भारत से या वैध संरक्षकता (legal guardianship) से व्यपहरण (अपहरण) करता है, तो उसे 7 साल तक की कैद और जुर्माने की सज़ा हो सकती है.

भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5) ‘सामान्य आशय’ (Common Intention) के सिद्धांत से संबंधित है, जिसका अर्थ है कि यदि कई व्यक्ति किसी आपराधिक कार्य को एक साझा योजना या इरादे से करते हैं, तो उनमें से प्रत्येक व्यक्ति उस अपराध के लिए वैसे ही ज़िम्मेदार होगा, जैसे कि उसने वह कार्य अकेले किया हो, भले ही हर कोई शारीरिक रूप से शामिल न हो (यह पुरानी IPC धारा 34 के समान है).

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