संजू त्रिपाठी हत्याकांड: सभी 22 आरोपी बरी, फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट जाएगी मृतक की पत्नी

बिलासपुर। हिस्ट्रीशीटर संजू त्रिपाठी हत्याकांड में बड़ा फैसला सामने आया है। निचली अदालत ने मामले में गिरफ्तार सभी 22 आरोपियों को बरी कर दिया है। फैसले के बाद मृतक की पत्नी किरण त्रिपाठी ने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि रसूखदारों के दबाव और लेन-देन के चलते जांच प्रभावित हुई और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की गई। किरण त्रिपाठी ने निचली अदालत के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है।
पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए कहा, गवाहों के बयान तक बदलवाए गए। किरण ने कहा कि वे निचली अदालत के इस फैसले को छत्तीसगढ़बिलासपुर हाई कोर्ट में चुनौती देंगी। उन्होंने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। किरण त्रिपाठी ने कहा कि मामले की शुरुआत से ही जांच प्रभावित रही। एफआईआर दर्ज करने से लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चार्जशीट तैयार करने तक कई विसंगतियां रहीं। उनके अनुसार, पुलिस ने हत्या को संपत्ति विवाद से जोड़ दिया, जबकि इसकी वजह पारिवारिक और जातीय दुश्मनी थी।
किरण ने बताया कि सुरक्षा कारणों से वे फैसले के दिन अदालत नहीं पहुंच सकी। सभी 22 आरोपियों के जेल से बाहर आने के बाद उन्हें अपने और बच्चों की सुरक्षा की चिंता है। उनका कहना है कि जब दिनदहाड़े सुपारी देकर हत्या कराई जा सकती है, तो अब परिवार पर खतरा और बढ़ गया है। किरण शिक्षिका हैं और उनकी पदस्थापना शहर से करीब 40 किलोमीटर दूर है। वे रोजाना सफर करती हैं।
परिवार की सुरक्षा की चिंता, सीबीआई जांच की मांग की
किरण ने आईजी और एसएसपी से अपने और बच्चों के लिए तत्काल सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। किरण ने कहा कि वे पति को न्याय दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई जारी रखेंगी। उनकी मांग है कि हाई कोर्ट मामले में स्वतः संज्ञान ले और जांच के दौरान तथ्य छिपाने के जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों को भी आरोपी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच के लिए अब सीबीआई जांच जरूरी है।


