देश के सबसे बड़े IPO पर निवेशकों की नजर, 23 अक्टूबर तक लगा सकेंगे बोली

मुंबई। देश के दूरसंचार और डिजिटल कारोबार में बड़ा बदलाव लाने वाली जियो अब शेयर बाजार में अपनी पहचान को नई ऊंचाई देने की तैयारी में है। मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस समूह की डिजिटल कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO 21 अक्टूबर से निवेशकों के लिए खुल गया है। 23 अक्टूबर तक चलने वाले इस इश्यू के जरिए कंपनी करीब ₹30,213 करोड़ जुटाने की योजना के साथ बाजार में उतरी है। यह रिलायंस समूह का करीब दो दशक में पहला IPO है और भारतीय शेयर बाजार के लिए एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।
27 करोड़ नए शेयर जारी करने की योजना
कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के मुताबिक, इस IPO में करीब 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए जा रहे हैं। प्रति शेयर कीमत ₹1,065 से ₹1,119 के बीच रखी गई है। ऊपरी प्राइस बैंड पर 12 शेयरों के एक लॉट के लिए ₹13,428 की जरूरत होगी। पात्र कर्मचारियों के लिए ₹54 प्रति शेयर की छूट और रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए अलग आरक्षित हिस्से का भी प्रावधान है।
IPO से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल रिलायंस जियो इन्फोकॉम की देनदारियों के भुगतान और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाना है।
जियो की सबसे बड़ी ताकत उसका विशाल ग्राहक आधार
साल 2016 में दूरसंचार बाजार में प्रवेश करने वाली जियो ने सस्ते डेटा और वॉयस सेवाओं के जरिए देश में इंटरनेट इस्तेमाल के तौर-तरीकों को बदलने में अहम भूमिका निभाई। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के पास करीब 53.3 करोड़ ग्राहक हैं और देश के डेटा ट्रैफिक में इसकी हिस्सेदारी लगभग 60% है। दूरसंचार के साथ क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में भी कंपनी अपनी संभावनाएं तलाश रही है। मेटा और गूगल जैसी वैश्विक कंपनियों का निवेश भी जियो के कारोबारी विस्तार को लेकर बाजार की दिलचस्पी बढ़ाता है।
क्या निवेशकों को मिलेगा 22% का फायदा?
IPO खुलने से पहले ग्रे मार्केट में जियो के शेयरों को लेकर काफी चर्चा रही। 20 अक्टूबर को प्रकाशित इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट में करीब ₹245 प्रति शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम बताया गया था। ऊपरी प्राइस बैंड ₹1,119 के मुकाबले यह लगभग 22% बैठता है। इस अनुमान के आधार पर संकेतात्मक कीमत करीब ₹1,364 बनती है।
लेकिन यहां निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। ग्रे मार्केट प्रीमियम आधिकारिक एक्सचेंज का भाव नहीं है। यह अनौपचारिक बाजार में चल रहा अनुमान है, जो मांग और बाजार की परिस्थितियों के साथ बदल सकता है। वास्तविक लिस्टिंग पर इतना मुनाफा मिलेगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है।
निवेश से पहले जोखिम समझना जरूरी
जियो का बड़ा ग्राहक आधार और डिजिटल कारोबार की संभावनाएं आकर्षक जरूर हैं, लेकिन निवेश का फैसला केवल कंपनी की लोकप्रियता या GMP देखकर नहीं करना चाहिए। दूरसंचार क्षेत्र में नियामकीय बदलाव, स्पेक्ट्रम और नेटवर्क पर होने वाला खर्च, प्रतिस्पर्धा, तकनीकी बदलाव तथा कंपनी के मूल्यांकन जैसे पहलू भी महत्वपूर्ण हैं। निवेशकों को कंपनी के आधिकारिक प्रॉस्पेक्टस और वित्तीय विवरणों का अध्ययन करना चाहिए।
अब बाजार की निगाहें सब्सक्रिप्शन और लिस्टिंग पर
जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO 23 अक्टूबर को बंद होगा। प्रकाशित इश्यू शेड्यूल के अनुसार, शेयरों का आवंटन 26 अक्टूबर को प्रस्तावित है और बाजार में लिस्टिंग 28 अक्टूबर को संभावित है। निवेशकों के लिए अगला बड़ा संकेत यह होगा कि IPO को विभिन्न श्रेणियों में कैसी प्रतिक्रिया मिलती है और अंततः शेयर किस कीमत पर सूचीबद्ध होता है।




