ज्योतिष

Aaj ka Panchang 7 October 2026: आश्विन कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि आज, नोट करें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूरा पंचांग

Aaj ka Panchang 7 October 2026: हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है. कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है. पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है.

आज की तिथि

7 अक्टूबर 2026 को आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि रात 11:16 बजे तक रहेगी. इसके बाद त्रयोदशी तिथि शुरू हो जाएगी. बुधवार सुबह 6:24 बजे सूर्योदय और शाम 6:05 बजे सूर्यास्त होगा. वहीं, रात 2:59 चंद्रोदय और शाम 4:02 बजे चंद्रास्त होगा.

नक्षत्र

पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्य हस्त नक्षत्र में रहेगा. ज्योतिष के अनुसार, सूर्य के हस्त नक्षत्र में प्रवेश करने से सभी 12 राशियों पर गहरा प्रभाव पड़ता है. हस्त नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा का सूर्य से मित्रता का संबंध माना गया है. वैदिक ज्योतिष के अनुसार, हस्त नक्षत्र 13वां नक्षत्र है, जिसका अर्थ ‘हाथ’ होता है. इस नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा हैं और इसकी राशि कन्या है.

जान लें योग

बुधवार को रात 2:51 बजे तक शुभ योग रहेगा. ज्योतिषीय पंचांग के 27 नित्य योगों में से शुभ योग 23वें नंबर का एक अत्यंत शुभ और मांगलिक योग माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि जिन लोगों ने अपने पूर्व जन्म में अच्छे और पुण्य कर्म किए होते हैं, उनका जन्म इस योग में होता है. मुहूर्त शास्त्र के अनुसार, शुभ योग के दौरान सगाई, विवाह, गृह प्रवेश, नए वाहन की खरीद, व्यापार का शुभारंभ, और किसी भी प्रकार की यात्रा या मांगलिक कार्य करना बेहद शुभ माना जाता है.

आज का शुभ मुहूर्त

इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:45 से दोपहर 12:32 बजे तक रहेगा. यह दिन का सबसे शुभ और फलदायी समय माना जाता है. आमतौर पर यह लगभग 48 मिनट (या दिनमान के अनुसार गणना किया गया आठवां मुहूर्त) होता है. माना जाता है कि इस मुहूर्त में किए गए कार्यों से सभी प्रकार के अशुभ प्रभाव या दोष स्वतः नष्ट हो जाते हैं. जब सूर्य ठीक सिर के ऊपर रहते हैं, तब अभिजीत मुहूर्त की बेला होती है.

बुधवार को रात 7:18 से 8:52 बजे तक अमृतकाल रहेगा. ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, अमृतकाल एक अत्यंत शुभ, मंगलकारी और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर समयावधि (मुहूर्त) है. इसे अमृत के समान उत्तम फल देने वाला माना जाता है. इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता की संभावना सबसे अधिक होती है. नए व्यापार, निवेश, पूजा-पाठ, और महत्वपूर्ण यात्रा के लिए यह समय श्रेष्ठ माना गया है.

नोट करें राहुकाल

इस दिन राहुकाल दोपहर 12:14 बजे से 1:42 बजे तक रहेगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल दिन का वह समय होता है जिसे किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत के लिए अशुभ माना जाता है. राहुकाल को सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच के समय को 8 बराबर भागों में बांटकर निकाला जाता है, जो हर दिन लगभग 90 मिनट का होता है. स्थान बदलने के साथ इसके समय में भी बदलाव हो जाता है. इस दौरान कोई नया काम शुरू नहीं करना चाहिए, लेकिन जो काम पहले से चल रहे हैं, उन्हें जारी रखा जा सकता है.

बुधवार को गुलिक काल सुबह 10:47 से दोपहर 12:14 बजे तक रहेगा. गुलिक काल को ‘विषैला समय’ भी कहा जाता है. यह एक उपग्रह है, इसको अशुभ माना जाता है. माना जाता है कि इस काल में किए गए कार्य नकारात्मक परिणाम देते हैं. इस काल में कोई नया काम शुरू करने से बचना चाहिए, लेकिन जो काम पहले से चल रहे हैं, उनको जारी रखा जा सकता है. जो काम बार-बार करना चाहते हैं तो इस काल में किया जा सकता है. बैंक में पैसे जमा करना, दान देना या निवेश करना इस काल में अच्छा माना जाता है.

इस दिन यमगंड काल सुबह 7:52 से 9:19 बजे तक रहेगा. यह समय मृत्यु के देवता यमराज से जुड़ा हुआ माना जाता है. इस समय के दौरान स्वास्थ्य, दीर्घायु, या सामान्य दुर्भाग्य से संबंधित बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है. इस काल को नए कार्यों की शुरुआत के लिए अशुभ माना जाता है. नया व्यापार या नया काम शुरू करने से बचना चाहिए. इस दौरान किसी यात्रा पर भी निकलने से बचना चाहिए और पैसों के लेनदेन से भी बचना चाहिए.

ग्रहों की स्थिति

बुधवार को सूर्य कन्या राशि में स्थित रहेंगे, जब सूर्य कन्या राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसका प्रभाव व्यक्ति के जीवन, कामकाज और बौद्धिक क्षमता पर विशेष रूप से पड़ता है. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, इस दौरान व्यावहारिक और योजनाबद्ध तरीके से काम करना लाभकारी माना जाता है.

इस दिन चंद्रमा सिंह राशि में स्थित रहेगा. वैदिक ज्योतिष के अनुसार, चंद्रमा के सिंह राशि में होने से व्यक्ति के स्वभाव, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और भावनाओं पर गहरा प्रभाव पड़ता है. सिंह राशि का स्वामी सूर्य है, जो ऊर्जा और अधिकार का प्रतीक है, इसलिए इस स्थिति के कई सकारात्मक और नकारात्मक परिणाम होते हैं.

आज का दिशाशूल

बुधवार को दिशाशूल उत्तर दिशा में रहेगा. ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, दिशाशूल उस अशुभ दिशा को कहते हैं, जिसमें किसी खास दिन यात्रा करना या निकलना अशुभ माना जाता है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button