छत्तीसगढ़

जांच में वेदांता की घोर लापरवाही आई सामने, उत्पादन बढ़ाने की जल्दबाजी से हुआ हादसा, सिस्टम ने दी थी चेतावनी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सक्ति जिले में 14 अप्रैल को वेदांता पावर प्लांट में हुए ब्लास्ट ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिए। जिसमें करीब 20 लोगों की मौत हो गई। तो कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद सरकार ने जांच के निर्देश दिए। जिसमें औद्योगिक सुरक्षा विभाग की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यह हादसा सामान्य औद्योगिक दुर्घटना नहीं, बल्कि उत्पादन बढ़ाने की जल्दबाजी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का परिणाम था।

बॉयलर निरीक्षक उज्जवल गुप्ता और उनकी टीम ने बुधवार को करीब छह घंटे तक घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। जांच में पाया  कि प्लांट में महज एक घंटे के भीतर उत्पादन क्षमता को 350 मेगावाट से दोगुना करने का प्रयास किया गया। इस दौरान सिस्टम ने चेतावनी भी दी थी, लेकिन उसे नजरअंदाज कर दिया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, अचानक लोड बढ़ाने के कारण फर्नेस में ब्लास्ट हुआ, जिसकी चपेट में बॉयलर की ट्यूब पाइप आ गईं। इसी वजह से यह गंभीर हादसा हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जाता, तो इस घटना को टाला जा सकता था। जांच पूरी होने के बाद यह रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक प्रफुल ठाकुर को सौंप दी गई है। अब इसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की जाएगी।वहीं इस हादसे को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। यह घटना एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के पालन की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

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