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CJI बीआर गवई ने दिखाया बड़ा दिल, जूता फेंकने की कोशिश करने वाले वकील को किया माफ, नहीं होगा कोई ऐक्शन

प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) बीआर गवई ने बड़ा दिल दिखाते हुए उस वकील को माफ कर दिया है, जिसने उनपर जूता फेंकने की कोशिश की थी. सीजेआई पर जूता फेंकने की कोशिश करने वाले वकील के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. शीर्ष सूत्रों ने सोमवार को सीएनएन-न्यूज18 को यह जानकारी दी. सीजेआई ने अधिकारियों से इस कृत्य को “अनदेखा” करने को कहा.
यह घटना उस समय हुई जब प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ वकीलों द्वारा मामलों की सुनवाई कर रही थी. कुछ गवाहों ने कहा कि वकील ने मंच के पास पहुंचने के बाद अपना जूता निकालकर प्रधान न्यायाधीश पर फेंकने की कोशिश की, जबकि कुछ ने कहा कि ऐसा लग रहा था कि वह कागज़ का एक रोल फेंक रहा था.
हालांकि, घटना से हैरान गवई ने वकीलों से हंगामे को नजरअंदाज करने और अपनी दलीलें जारी रखने को कहा. उन्होंने कहा, “इन सब से विचलित मत होइए. हम विचलित नहीं हैं. ये चीजें मुझ पर असर नहीं डालती हैं.
“वकील 2011 से बार का अस्थायी सदस्य है. हम उसकी सदस्यता रद्द करने की कार्रवाई शुरू करेंगे. मैंने सीजेआई से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वह अभी भी बेंच पर थे. सोशल मीडिया में सीजेआई की टिप्पणियों की गलत व्याख्या के कारण यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. कानून अपना काम करेगा.”
इस बीच, जब वकील को अदालत कक्ष से बाहर ले जाया जा रहा था, तो उन्हें यह कहते हुए सुना गया: “‘सनातन का अपमान नहीं सहेंगे’ (सनातन धर्म का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे)”. यह घटना संभवतः 16 सितंबर के मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई गवई की टिप्पणियों से जुड़ी हुई थी, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश में यूनेस्को की विश्व धरोहर खजुराहो मंदिर परिसर के हिस्से, जवारी मंदिर में भगवान विष्णु की सात फुट की मूर्ति के पुनर्निर्माण और पुनः स्थापित करने के निर्देश देने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था.

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