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पहले गवर्नर की BJP विधायकों से मुलाकात, फिर PM मोदी का दौरा… मणिपुर से हटेगा राष्ट्रपति शासन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हिंसा प्रभावित मणिपुर के दौरे से पहले राजनीतिक हलचल बढ़ गई है. पीएम मोदी के 13 सितंबर के दौरे से पहले राजनीतिक हलचल बढ़ने लगी है. रविवार को राजभवन में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह सहित 20 भाजपा विधायकों से मुलाकात की. 40 मिनट तक चले इस बैठक में मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल, डीजीपी राजीव सिंह और सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह जैसे वरिष्ठ नौकरशाह भी मौजूद थे. इसके बाद से राजनीतिक पंडित ये कयास लगा रहे हैं कि 7 महीने से मणिपुर में लागू राष्ट्रपति शासन हटया जा सकता है.
एक सप्ताह पहले भी राज्यपाल ने विधानसभा अध्यक्ष थोकचोम सत्यब्रत सिंह से मुलाकात की थी. राज्यपाल भल्ला की एक हफ्ते पहले 14 भाजपा विधायकों के साथ सिक्रेट मुलाकात ने पीएम के दौरे से पहले राज्य में राजनीतिक स्थिरता की संभावनाओं को बढ़ा दिया है. मणिपुर में मई 2023 से शुरू हुए मेइतेई-कुकी जातीय हिंसा के बाद से स्थिति तनावपूर्ण है. इस जातीय हिंसा में अब 260 से अधिक लोग मारे जाने की संभावना जताई जा रही है. साथ ही इस हिंसा ने हजारों परिवारों को विस्थापित कर टेंटों में जिंदगी गुजारने पर मजबूर कर दिया है.

पीएम के दौरे से पहले बढ़ी सरगर्मी
भाजपा की राज्य इकाई को पार्टी नेतृत्व से आधिकारिक सूचना मिली है कि पीएम मोदी 13 सितंबर को मणिपुर का दौरा करेंगे. एक भाजपा विधायक ने बताया कि पीएम मिजोरम से मणिपुर पहुंचेंगे और सबसे पहले चुराचांदपुर जाएंगे, जहां वे जातीय हिंसा से विस्थापित लोगों से मुलाकात करेंगे. इसके बाद इंफाल में कांगला किले में करीब 15,000 लोगों की सभा को संबोधित करेंगे. पीएम का यह दौरा मणिपुर में मई 2023 के बाद पहला होगा. इसे हिंसा प्रभावित राज्य में शांति और विश्वास बहाली की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, पीएम मणिपुर पुलिस मुख्यालय और सिविल सचिवालय जैसे प्रमुख बुनियादी ढांचों का उद्घाटन भी कर सकते हैं.
कांग्रेस की मांग पर नया मास्टरस्ट्रोक

मणिपुर में 9 फरवरी को एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू है. 60 सदस्यीय विधानसभा को निलंबित कर दिया गया है. हालांकि, भाजपा के पास विधानसभा में पूर्ण बहुमत है, फिर भी कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर ताजा चुनाव कराने की मांग की है. कांग्रेस ने राष्ट्रपति शासन को बढ़ाने के किसी भी सुझाव का विरोध किया है.
नई सरकार की होगी गठन या…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले और राज्यपाल की सक्रियता सेकुछ विधायकों ने नई सरकार के गठन की संभावना पर चर्चा की. हालांकि, उन्होंने विधायकों की राज्यपाल से बैठक की गोपनियता को कायम रखा. एक विधायक ने निराशा जताते हुआ कहा कि उनकी ही पार्टी प्रशासन ने पीएम के दौरे की योजना में विधायकों की सलाह को शामिल नहीं किया. मणिपुर में कांगला किले और चुराचांदपुर में पीस ग्राउंड पर भव्य तैयारियां चल रही हैं. सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. यह दौरा मणिपुर के लिए राजनीतिक और सामाजिक स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है.

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