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श्रीनगर और कटरा दोनों ओर से चलेगी वंदेभारत! वैष्णो देवी के साथ कर लो कश्‍मीर घूमने की तैयारी

माता वैष्‍णो देवी दर्शन की तैयारी कर रहे हैं तो कश्‍मीर घाटी घूमने का प्‍लान जरूर बना जाना. वरना वहां पहुंचकर मन मसोटकर रहे जाओगे. माता वैष्‍णो देवी से श्रीनगर के बीच ट्रेन चलने वाली है. संभावना है कि 19 अप्रैल इस सेक्‍शन पर पहली ट्रेन दौड़ेगी. इसके बाद आम लोग भी चिनाब ब्रिज होते हुए श्रीनगर तक जा सकेंगे. यह ब्रिज विश्‍व का सबसे ऊंचा ब्रिज है.

कश्‍मीर घाटी जल्‍द ही पूरे देश से रेल मार्ग से जुड़ने जा रहा है. माता वैष्‍णो देवी कटड़ा से श्रीनगर के बीच रेल लाइन शुरू होने वाली है. रेल मंत्रालय के अनुसार पहले दिन एक नहीं दो-दो वंदेभारत चलेंगी. एक ट्रेन श्रीनगर से और दूसरी कटरा से चलेगी. यह सफर अपने आप में अनूठा होगा, क्‍योंकि सफर के दौरान चिनाब ब्रिज से गुजरती ट्रेन का अनुभव कर सकेंगे. मंत्रालय के अनुसार दोनों वंदेभारत ट्रेनों को प्रधानमंत्री झंडी दिखाकर रवाना करेंगे. संभावन जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री कटरा में मौजूद रहेंगे और श्रीनगर से चलने वाली वंदेभारत को वर्चुअल झंडी दिखाएंगे.

3.15 घंटे का होगा सफर

श्रीनगर से माता वैष्‍णो देवी का सफर 272 किमी. लंबा होगा, ट्रेन 3.15 घंटे में सफर पूरा करेगी. पहले दिन दोनों ओर से सुबह सुबह ट्रेन चलेगी. हालांकि बाद में एक ही वंदेभारत चलेगी, जो सुबह चलकर गंतव्‍य तक पहुचेंगी और वापस चली जाएगी. दोनों खास वंदेभारत तैयार हैं. ये वंदेभारत ऐसी है जो माइनस तापमान में अंदर गर्म रहेंगी. ट्रैक पर बर्फ हटाने उपकरण भी इंजन में लगा होगा.

घाटी के लिए ट्रेन में खास

यह वंदेभारत हीटिंग सिस्‍टम से लैस है. ट्रेन में सिलिकॉन हीटिंग पैड लगे हैं, जिससे पानी की टंकियों और बायो-टॉयलेट टैंकों को जमने नहीं देगा, साथ ही ओवरहीट प्रोटेक्शन सेंसर सुरक्षा से लैस है. ट्रेन माइनस तापमान चलने के बाद पानी जमेगा नहीं. टॉयलेट में हीटर लगे हैं, जिससे यात्रियों को गर्म हवा मिलती रहेगी. ट्रेन में लगा ऑटो-ड्रेनिंग मैकेनिज्म सिस्‍टम प्लंबिंग लाइनों में ड्रेनिंग सिस्टम लगे होते हैं, जिससे पानी जम नहीं पाएगा.

रोमांचक होगा सफर

कश्‍मीर घाटी तक का सफर वैसे भी खास होगा. लेकिन सबसे खास चिनाब ब्रिज के ऊपर से गुजरना होगा. यह विश्‍व का सबसे ऊंचा आर्च ब्रिज है. इससे सफर करने पर आपको ऐसा अहसास होगा कि हवा में ट्रेन चल रही है.

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