छत्तीसगढ़

पुलिस की बड़ी कार्रवाई, भिलाई से बांग्लादेशी महिला गिरफ्तार, 8 साल से ऐसे रह रही थी यहां

छत्तीसगढ़ के दुर्ग से बड़ी खबर सामने आयी है. सुपेला थाना क्षेत्र के फरीदनगर में किराए के मकान में फर्जी पहचान के सहारे रह रही एक बांग्लादेशी महिला को स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने दबोच लिया है. गिरफ्तार महिला का असली नाम पन्ना बीबी पिता अब्दुल रऊफ, उम्र लगभग 25 वर्ष, मूल निवासी खुलना जिला, बांग्लादेश है. उसने काकोली घोष उर्फ अंजली सिंह के नाम से फर्जी आधार कार्ड तैयार कर अपनी पहचान छिपा रखी थी और पिछले दो वर्षों से सुपेला नेहरू रोड स्थित सूरज साव के मकान में किराए पर रह रही थी.

पहचान छिपाकर देशभर में घूमती रही

एसटीएफ की गहन पूछताछ में सामने आया कि पन्ना बीबी लगभग 8 वर्ष पहले भारत-बांग्लादेश बॉर्डर स्थित बोन्गांव-पेट्रापोल (जिला उत्तर 24 परगना, पश्चिम बंगाल) से अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर गई थी. कोलकाता के कुख्यात सोनागाछी क्षेत्र में वह पांच साल तक छद्म नाम से रही. इसके बाद दिल्ली में करीब एक साल तक निवास किया. दिल्ली में एक महिला से पहचान होने के बाद वह भिलाई आई और यहाँ किराए पर रहते हुए फर्जी आधार कार्ड के जरिए अस्पतालों में इलाज तक करवाती रही.

फर्जी निकला आधार कार्ड

जांच में यह भी सामने आया कि पन्ना बीबी ने दिल्ली के निहाल विहार निवासी परमजीत सिंह के पते का इस्तेमाल करते हुए “अंजली सिंह” के नाम से आधार कार्ड बनवाया, और इसी कार्ड का प्रयोग कर वह भिलाई के विभिन्न अस्पतालों में इलाज करवा रही थी. आधार कार्ड पर लगी फोटो को जानबूझकर धुंधला रखा गया, जिससे कोई उसकी असल पहचान न जान सके. मोबाइल फोन की जांच में भी चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं. महिला के मोबाइल से बांग्लादेश के 12 से ज्यादा मोबाइल नंबरों पर लगातार संपर्क किया गया, जिनमें उसके पिता, भाई, बहन और अन्य रिश्तेदार शामिल हैं.

मकान मालिक की भी भूमिका संदिग्ध, FIR दर्ज

इतना ही नहीं, मकान मालिक सूरज साव पर भी एफआईआर दर्ज की गई है. उसने किराएदार की जानकारी पुलिस को नहीं दी और जानबूझकर महिला की असली पहचान छिपाने में मदद की, जो कि कानून का उल्लंघन है.

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