छत्तीसगढ़

नियद नेल्लानार योजना से बदल रही सुदूर वनांचलों की तस्वीर

नियद नेल्लानार योजना से सुकमा जिले के दूरस्थ एवं अंदरूनी गांवों में बुनियादी सुविधा और शासकीय योजनाओं व कार्यक्रमों का लाभ आम जनता को सुलभ होने से गांवों और ग्रामीणों की तस्वीर संवरने लगी है। सुकमा जिले के दूरस्थ गांवों में कलेक्टर के मार्गदर्शन में लगातार सुविधा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशासन की यह पहल से ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रही है, जो वर्षों से मूलभूत सुविधाओं और सरकारी योजनाओं से वंचित रहे थे।

सुरक्षाबलों द्वारा दो दिन पहले न्यूट्रलाइज किए गए नक्सली कमांडर हिड़मा के गांव पूवर्ती में भी जिला प्रशासन द्वारा बीते दिनों सुविधा शिविर लगाकर ग्रामीणों को महतारी वंदन योजना, जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं से लाभान्वित किया गया। इसी दौरान पुवर्ती की निवासी श्रीमती मड़कम हान्दा ने शिविर में उपस्थित बीसी सखी की सहायता से आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से महतारी वंदन योजना की 1000 रुपए पाकर प्रसन्नता जताई और इसके लिए शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

पूवर्ती सुविधा शिविर में कुल 21 ग्रामीणों को आधार कार्ड के माध्यम से 43 हजार रुपए की राशि निकालकर दी गई। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ, दुर्गम और संचारविहीन क्षेत्रों में लोगों को शासन की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। इस दिशा में पूवर्ती कैंप में जियो नेटवर्क का स्थापित होना एक बड़ी उपलब्धि है। नेटवर्क विस्तार से अब पूवर्ती ही नहीं, बल्कि चिमलीपेंटा, तुमलपाड़, जोनागुड़ा, सिंगाराम तथा टेकलगुड़े जैसे आसपास के अंदरूनी गांव भी संचार सुविधा से जुड़ गए हैं। मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट मिलने से ग्रामीण पहली बार अपने परिजनों से आसानी से संपर्क कर पा रहे हैं। साथ ही डिजिटल बैंकिंग, आधार आधारित लेनदेन और ऑनलाइन सेवाएँ भी अब उनकी पहुँच में हैं।

शासन और जिला प्रशासन की सामूहिक पहल से दूर-दराज के वनांचल क्षेत्रों में नेटवर्क, इंटरनेट और बैंकिंग जैसी मूलभूत सेवाओं का विस्तार तेजी से हो रहा है। इन सुविधाओं के कारण ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने लगा है, जो उनके सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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