देश

अमेरिका में होगा शटडाउन, व्हाइट हाउस ने कर दिया ऐलान, सीनेट में नहीं पास हो सका फंडिंग बिल

अमेरिका में मंगलवार देर रात बड़ा संकट खड़ा हो गया. सरकारी खर्चा चलाने के लिए जरूरी फंडिंग बिल सीनेट में पास नहीं हो पाया. नतीजा यह हुआ कि आधी रात से ही अमेरिकी सरकार के कई दफ्तरों में कामकाज रुक जाएगा, यानी स्थानीय समय के मुताबिक 12 बजे (सुबह 9:30 भारतीय समय) के बाद वहां शटडाउन शुरू हो गया. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, सीनेट में यह बिल पास करने के लिए 60 वोट चाहिए थे, लेकिन सिर्फ 55 वोट ही मिल पाए और यह प्रस्ताव गिर गया. रिपब्लिकन लीडर जॉन थ्यून ने इस पर नाराजगी जताई, लेकिन उम्मीद भी जताई कि जल्द ही कोई समझौता हो सकता है. उन्होंने कहा – ‘डेमोक्रेट्स ने आज रात सरकार बंद की है, लेकिन हम इसे कल दोबारा खोल सकते हैं.’

रिपब्लिकन पार्टी का कहना है कि यह एक ‘साफ-सुथरा फंडिंग बिल’ था, जिसे डेमोक्रेट्स ने राजनीति के चलते पास नहीं होने दिया. दूसरी तरफ, डेमोक्रेट्स की मांग थी कि इस बिल में हेल्थकेयर सब्सिडी का विस्तार और घरेलू योजनाओं में हुई कटौतियों को वापस लिया जाए. गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, इस वोट के बाद व्हाइट हाउस बजट ऑफिस ने मेमो जारी कर कहा कि अब सभी सरकारी एजेंसियां अपने-अपने ‘शटडाउन प्लान’ लागू करें. साथ ही इसके लिए डेमोक्रेट्स को जिम्मेदार ठहराया. इस नोटिस पर डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के बजट डायरेक्टर रसेल वॉट ने हस्ताक्षर किए.

क्या होता है अमेरिकी शटडाउन?

अमेरिका में, गवर्नमेंट शटडाउन तब होता है जब अमेरिकी संसद 30 सितंबर तक सरकार को चलाने के लिए पैसा मंज़ूर नहीं कर पाती है. अमेरिकी संविधान के अनुसार, सरकारी विभागों और कार्यक्रमों को चलाने के लिए संसद को हर साल पैसे देने वाले बिल पास करने होते हैं. बिल पास न होने पर सरकार के पास खर्च करने के लिए कानूनी अधिकार नहीं रहता. इसका असर यह होगा कि हजारों फेडरल कर्मचारी बिना वेतन छुट्टी पर भेजे जाएंगे और कई कर्मचारियों को बिना सैलरी काम करना पड़ेगा. रक्षा मंत्रालय ने साफ कहा है कि सैन्य अधिकारी और रिजर्व फोर्स काम पर आते रहेंगे, लेकिन उन्हें अभी भुगतान नहीं मिलेगा.
डेमोक्रेट नेता चक शूमर ने रिपब्लिकन पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा- ‘उन्होंने अमेरिका को शटडाउन में धकेल दिया है. लाखों अमेरिकी परिवार अब बैठकर सोचेंगे कि बिल कैसे भरें.’ उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में जनता रिपब्लिकन को इसके लिए जिम्मेदार ठहराएगी. इस शटडाउन से रोजमर्रा की कई सरकारी सेवाएं प्रभावित होंगी. फूड सेफ्टी जांच, एयर ट्रैवल कंट्रोल, संघीय अदालतें और दूसरी अहम सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. सीएनएन की रिपोर्ट बताती है कि अमेरिका में 1980 से अब तक 14 बार शटडाउन हो चुका है. सबसे लंबा शटडाउन 2018-19 में ट्रंप के कार्यकाल में हुआ था, जो 35 दिन तक चला था.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button